Taj Mahal Ke Niche Kya Hai

ताजमहल के नीचे क्या है | Taj Mahal Ke Niche Kya Hai आप जानकर चौंक जायेगे

ताजमहल के नीचे क्या है Taj Mahal Ke Niche Kya Hai क्या आपके मन में भी ये सवाल है तो आपको ऐसे रहस्य भरे सवालो के जवाब हम इस पोस्ट में देंगे ताजमहल जितना खूबसूरत है उतना ही रहस्यमयी क्योंकि ताजमहल जैसी इमारत पूरी दुनिया मे कही नही है ताजमहल को ऊही सात अजूबों में सुमार नही किया जाता इसकी नायाब खूबसूरती के सर्चे पूरे विश्व मे है

Taj Mahal Ke Niche Kya Hai

इसमे सोचने वाली बात यह है कि इस रहस्यमयी इमारत को उस काल मे बिना किसी मॉडर्न टेक्नोलॉजी के नदी किनारे कैसे बना दिया गया ऐसे कोनसे महान विसारक वाले महान टेलेंटेड स्किल वर्कर उस जमाने मे मौजूद थे जिन्होंने बिना टेक्नोलॉजी के बिना एडवांस मशीनरी के इतनी खतरनाक इमारत बना डाली

क्या ताजमहल का कोई नक्शा बनाया गया था क्या वो नक्शे अभी भी सुरक्षित रखे है या फिर उन नक्शे को मिटा दिया गया ऐसी कई कहानियां सुनाई जाती है कि ताजमहल बनाने वालों के हाथ काट दिए गए थे क्या आपके घर मे कोई बेहतर काम करता है तो आप उसे उपहार देते है या उसे सजा देते है कुछ सोच कर देखिये ओर एक ओर वाक्या जिसे काफी तूल दिया गया है कि ताजमहल एक शिव मंदिर था शिव माला था क्या इसमे भी कोई सचाई है ओर ताजमहल के निचे क्या है (Taj Mahal Ke Niche Kya Hai) ऐसे ही कुछ रहस्यमयी रहस्यों से पर्दा हटाने की कोशिश करेंगे तो हमारे पूरे लेख को जरूर पढ़े

ताजमहल के नीचे क्या है | Taj Mahal Ke Niche Kya Hai

भारत के उत्तरप्रदेश राज्य के आगरा शहर में स्थित सफेद संगमरमर की बनी इमारत ताजमहल पूरी दुनिया मे सात अजूबों में से एक है इसे महोब्बत की निशानी के रूप में भी जाना जाता है ताजमहल उस जमाने की बेजोड़ कारीगरी ओर कलाकार्ति का नजारा है जो अपनी खूबसूरती के लिहाज से आज भी इतना मशूहर है जितना कि उस काल खंड में था जब इसे बनाया गया था ताजमहल का दीदार करने के लिए देश विदेश से हजारों पर्यटक हर रोज आते है

क्या आपने कभी सोचा है कि उस टाइम इतनी टेक्नोलॉजी विकसित नही हुई थी कंट्रैशन की एडवांस मशीनरी नही थी तो इसे एक नदी के किनारे जमुना के किनारे रेतीली जमीन पर कैसे खड़ा कर दिया गया ओर आज तक खड़ा है इतनी सदियो बाद भी

देखिये ताजमहल के निर्माण में 28 प्रकार के पथ्थरो का इस्तमाल किया गया जिन पथ्थरो को राजस्थान के अलावा अफगानिस्तान बगलाद तिब्बत रूस ईरान आदि ऐसे कई देशो से मगवाया गया था लेकिन सोचने वाली बात है आज के कालखंड में जहा सामानो को एक द्वीप से दूसरे द्वीप या दूसरे देश ले जाना पड़े तो काफी महंगा पड़ता है काफी मुसीबतो का भी सामना करना पड़ता है

वहा एक राजा ने पुरे विश्व के बेहतरीन जगहों से सुने हुए पथ्थरो को भारत में कैसे लाया होगा और कितनी मुश्किलों को सामना किया होगा कितनी समस्या आई होगी उन्हें कितना खर्च लगा होगा क्या वाकई में आज के तारीख में ताजमहल का बजट निकाला जा सकता है ये भी बहुत बड़ा सवाल हैअब जो 28 प्रकार के पथ्थरो का उपयोग किया गया ताजमहल में उसकी वजह से ताजमहल 3 तरह से अपना रंग बदलता है

वो कौन था इंजीनियर या वैज्ञानिक जिसने इस पर रिचर्च किया की 28 प्रकार के पथ्थरो को चुन कर ताजमहल बनाएंगे तो वो 3 बार रंग बदलेगा ये भी एक बहुत बड़ी बात है सुबह गुलाबी दिखता है ताजमहल दिन में सफ़ेद और पूर्णिमा की रात को जब पुरे चाँद रौशनी इस पर पड़ती है तब ये सुनहरा हो जाता है

मतलब की उस टाइम का साइंस था वो अलग लेवल का था फिर वो साइंस कहा चला गया जो ताजमहल जैसी दूसरी ईमारत खड़ी नहीं की जा सकी और कौन थे वो कारीगर जिनके हाथ काट दिए गए क्या उनके साथ में ये आर्ट हमेशा हमेशा के लिए ख़तम हो गया क्या दुनिया में ऐसी भी इमारते है जो रंग बदलती है बिलकुल ताजमहल की तरह और ये बड़ा सवाल है और रिचर्च का विषय भी

ताजमहल की पूरी नीव एक ऐसी लकड़ी द्वारा बनाई गई है जिस लकड़ी को मजबूती के लिए नमी की जरुरत होती है ये भी बहुत बड़े इंजीनिरिंग साइंस उस वक्त के वर्कर थे उस ज़माने में शाहजहाँ के इंजीनियर थे जिन्होंने ताजमहल को खड़ा किया उन्होंने देखा की नदी के ऊपर इसे बनाना है तो नीव लकड़ी की बनाई जाये और ऐसी वैसी लकड़ी की नहीं जो पानी को सोखने में मजबूत हो आमतौर पर क्या देखने को मिलता है पानी पड़ता है और लकड़ी ख़राब हो जाती है लेकिन ऐसी लकड़ी का चुनाव किया गया जो पानी सोखकर मजबूत होती है सोचिये जरा कितना साइंस और कितना दिमाग लगाया होगा

जो लकड़ी ताजमहल के नीव में उपयोग की गई उस लकड़ी की नमी जितनी बढ़ती है ये लकड़ी उतनी मजबूत होती है और उस लकड़ी के कारण ताजमहल का निर्माण यमुना किनारे सफल हो पाया ताजमहल के चारो मीनारे बनाई गई है जो ताजमहल को आपदा के समय संतुलन पैदा कर सके इन मीनारों का निर्माण कार्य इस प्रकार से किया गया है की इनका हल्का सा झुकाव बहार की और है अगर आपदा के समय ये मीनारे गिरे तो ताजमहल के ऊपर न गिरे और बहार की और गिरे इतनी जबरदस्त प्लानिंग उस टाइम पर सोच कर देखिये असंभा होता है

कुछ इतिहासकारो का मानना है की ताजमहल शाहजहाँ ने अपनी मुमताज की आखरी इच्छा को पूरा करने के लिए बनाया था मुमताज ने मरते वक्त अपनी आखरी इच्छा ये जाहिर की थी उनके लिए मकबरा बनाया जाये जिसमे उन्हें दफनाया जाये वही पर उनकी मजार भी हो शाहजहाँ ने 1630 में ताजमहल का निर्माण कार्य चालू किया जिसके लिए 37 कारीगरों को देश और विदेश से बुलाया गया जिनकी देखरेख में कम से कम २२००० मजदूरों ने दिन रात मेहनत करके तक़रीबन 22 सालो में ताजमहल का काम पूरा किया

जब ताजमहल का निर्माण कार्य चल रहा था तभी सभी मजदूरों के हाथ काटने का हुकम दे दिया था ऐसा इसलिए किया गया की ऐसा ताजमहल दुनिया में दूसरा न बन सके इस हुक्म की वजह से गुस्साए मजदूरों ने ताजमहल में ऐसी कमिया छोड़ दी थी जो आज भी रहस्य बनी हुई है ऐसे दावे किये जाते है लेकिन ये लोककथा के रूप में प्रचलित बात है क्युकी उन लोगो की जिनके हाथ काट दिए गए थे तो गुस्साए मजदूरों ने खामिया छोड़ दी थी ताजमहल में क्या वो खामिया है या ऐसे ही हवाओ में बाते बनाई गई हो

कुछ दावे तो ऐसे भी किये जाते है कि ताजमहल का निर्माण 50 कुओ के ऊपर किया गया ये लोककथा के रूप में प्रचलित है पर वो 50 कुँए कहा है कोई नहीं जानता कुछ इतिहासकारो का मानना है की ताजमहल के नीचे मुमताज का मकबरा नहीं बल्कि ताजमहल का निर्माण तेजोमहालय शिवजी का मंदिर या एक राजपुताना महल के ऊपर हुआ है ये भी कयास लगाए जाते है अपने हिसाब से हमारे देश में जो चीजे चल रही है उस हिसाब से ये मामला भी टूल पकड़ रहे है की
ताजमहल को एक तेजोमहालय के ऊपर बनाया गया है कितनी सच्चाई है ये कोई नहीं जानता लोग अलग अलग प्रकार के दावे करते है और अपने तर्क देते है

ऐसे ही कान्सप्रेसीथेरेपी जन का कहना है की सारे सबूत जो थे हिन्दू अलंकरण मंदिरो के चिन्हो को हटाकर ताजमहल के निचे कमरों में चील कर दिया गया है और उसके ऊपर ताजमहल का निर्माण कर दिया गया है वो कमरे आज भी वही पर मौजूद है जिसके अंदर जाने की इजाजत किसी को भी नहीं है ताजमहल के तहखानों में बहुत सारे रहस्य दफन है जो तहखाने खोल दिए गए तो ये सारे रहस्य सामने आजायेंगे क्या ये मंदिर था जिसके ऊपर ये बनाया गया या जो मजदूरों ने कमिया डाली थी वो कहा थी वो भी पता चल जायेगा लेकिन इसके तहखाने को खोला कभी नहीं जाता

दूसरी और ताजमहल को हिन्दू मंदिर होने का दावा करने वाली बहुत सी पुस्तके है जिन्हे इतिहासकारो ने लिखा है जो इस बात की और इशारा करती है की ताजमहल हिन्दू मंदिर के ऊपर बनाया गया था जिसका नाम पहले तेजोमहालय हुआ करता था ये भी दावा किया जाता है की इसका निर्माण जयपुर के राजा मानसिंह प्रथम ने करवाया था जो तेजोमहालय था जिसे शाहजहाँ ने तोड़कर ताजमहल बना दिया

कुछ लोगो का यह भी तर्क है की मुस्लिमो ने जितनी भी इमारतों का निर्माण करवाया उनके साथ कभी महल शब्द प्रयोग नहीं किया ताज और महल दोनों संस्कृत मूल के शब्द है इस वजह से इस बात की पुष्टि होती है की ताजमहल का निर्माण हिन्दू मंदिर के ऊपर हुआ है ऐसे लोगो का कहना है बाते तो बहुत सी है कुछ लोग तो ऐसे तर्क लगाते है की ताजमहल में जो लगी संगमरमर की जालिया है उसमे 108 कलश चित्रित है जिस तरिके से हिन्दुओ में होता है पवित्र माना जाता है मुस्लिमो की पवित्र संख्या तो 786 होती है

ताजमहल पर इतिहासकारो और खोजकारो के अपने अपने मत है कोई कहता है मुग़ल बादशाह शाहजहाँ ने अपनी बेगम मुमताज की याद में बनाया गया था और यही पर उनका मकबरा है कुछ लोग ये भी कहते है की ये हिन्दू मंदिर तेजोमहालय या राजपुताना महल है जिसे कुछ बदलाव करके शाहजहाँ ने इसका नाम ताजमहल दिया लेकिन ऐसे बहुत से रहस्य है जो कभी उजागर सकते जैसे एक रहस्य ये भी है की ताजमहल का निर्माण जितना जमीन के ऊपर हुआ है उतना ही जमीन के अंदर भी हुआ है जिसमे ख़ुफ़िया दरवाजा भी है ऐसा बताया जाता है जिसे शाहजहाँ ने ईटो से बंद करवा दिया था जहा पर किसी के आने की अनुमति नहीं थी इतिहास में जितने भी किलो का निर्माण किया गया उसमे दुश्मन से बचने के लिए बहार जाने का ख़ुफ़िया दरवाजा बनाया गया था ताजमहल में भी ऐसा ख़ुफ़िया दरवाजा होने की बात कहि जा रही है

लेकिन आज तक इसका कोई सबूत पब्लिकली अनाउंस नहीं किया गया है और नहीं उस तहखानों तक पहुस्ने की परमिशन किसी को मौजूद है ऐसे में ये सारे रहस्य ताजमहल के तहखाने में कैद है असलियत क्या है अभी कोई नहीं बता सकता इतिहास की माने तो ताजमहल मुग़ल बादशाह द्वारा बनाया गया शानदार कीमती इमारत है लेकिन उसे कैसे बनाया गया इसके रहस्य आज तक नहीं सुलझ पाए

आपको क्या लगता उन कारीगरों के पास ऐसी कोनसी कला थी जिससे उन्होंने समय से आगे का सोचकर इतनी बड़ी बेहतरीन इमारत को खड़ा किया आपको क्या लगता है हमे कमैंट्स में जरूर बताइयेगा

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Taj Mahal Ke Niche Kya Hai FAQ

ताजमहल किस पत्थर से बना है ?

ताजमहल संगमरमर के पत्थर से बनाया गया

ताज महल के अंदर क्या है बताइए ?

ताजमहल के अंदर क्या है वो आज तक किसी को नहीं पता जो एक रहस्य बना हुआ है

ताजमहल कहां है ?

भारत के उत्तरप्रदेश राज्य के आगरा शहर में स्थित सफेद संगमरमर की बनी इमारत ताजमहल पूरी दुनिया मे सात अजूबों में से एक है इसे महोब्बत की निशानी के रूप में भी जाना जाता है ताजमहल उस जमाने की बेजोड़ कारीगरी ओर कलाकार्ति का नजारा है

ताजमहल बनाने में कितने प्रकार के पथ्तर का उपयोग हुआ था ?

ताजमहल के निर्माण में 28 प्रकार के पथ्थरो का इस्तमाल किया गया जिन पथ्थरो को राजस्थान के अलावा अफगानिस्तान बगलाद तिब्बत रूस ईरान आदि ऐसे कई देशो से मगवाया गया था

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